वृद्ध नागरिकों के लिए उत्तर भारत का बेहतरीन संस्थान होगा विश्रांति : शांता कुमार

जीवन की अंतिम योजना ओल्डएज होम के पूर्ण होने पर बोले पूर्व मुख्यमंत्री
पालमपुर
पूर्व मुख्यमंत्री व् विवेकानंद ट्रस्ट पालमपुर के अध्यक्ष शांता कुमार ने अपने महत्वाकांक्षी प्रकल्प ‘विश्रांति ओल्डएज होम के निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वे अब जीवन की अंतिम पड़ाव पर हैं और उनके जीवन की अंतिम योजना के रूप में ‘विश्रांति’ आज लगभग बनकर तैयार है। धौलाधार की तलहटी में विवेकानंद मेडिकल इंस्टिट्यूट परिसर में स्थित विश्रांति में डोरमेट्री, ध्यान व् योग केंद्र के आलावा 64 कमरे हैं जहां ‘पे एंड स्टे’ के आधार पर वरिष्ठ नागरिक रहने के लिए आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में विश्रांति का औपचारिक रुप से उद्घाटन करने की योजना है जिसमें इस संस्थान को आर्थिक सहयोग करने वाले दोनों उपक्रमों ओएनजीसी व् एसजेवीएन के अध्यक्षों से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है।

शांता कुमार ने बताया कि विश्रांति परिसर कुल 16 करोड़ की राशि से बनकर तैयार हुआ है जिसमें सर्वाधिक 10 करोड़ का योगदान ओएनजीसी, 4 करोड़ सतलुज जल विद्युत् निगम व् दो करोड़ विवेकानंद ट्रस्ट ने अपनी ओर से योगदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ समय के पश्चात जैसे ही विश्रांति में कुछ लोग रहने आ जायेंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने पर यहां ऐसे 25 अत्यंत निर्धन बेसहारा लोगों को आश्रय दिया जायेगा जिनका इस दुनियां में कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्रांति ओल्डएज होम बिना किसी प्रॉफिट-लॉस के चलाया जायेगा।

शांता कुमार ने बताया कि विवेकानंद ट्रस्ट द्वारा आज 80 करोड़ की राशि के योगदान से विभिन्न सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं जिनमें कायाकल्प और विवेकानंद मेडिकल इंस्टिट्यूट भी हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश देश भर से अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान विवेकानंद ट्रस्ट के सदस्य विक्रम शर्मा, विश्रांति के प्रशासक राकेश कोरला, कायाकल्प के प्रशासक डॉ आशुतोष गुलेरी, विवेकानद मेडिकल ट्रस्ट के प्रशासक डॉ दुबे. नरेश आचार्य सहित अन्य उपस्थित रहे।

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